पहाड़ों की रानी में अंग्रेजों के जमाने में बने कई भवन बेहद जर्जर स्थिति में पहुंच गए हैं। 69 गिरासू भवनों को खाली करने का नोटिस भी दिया गया है, लेकिन इनमें अभी भी लोग रह रहे हैं। एमडीडीए के कड़े नियमों के कारण न तो इन भवनों की मरम्मत हो पा रही है, न ही लोग इन्हें छोड़ रहे हैं। मंगलवार को आए भूकंप से मालरोड के एक भवन में दरार आ गई है। माल रोड पर रहने वाले मदनमोहन शर्मा ने बताया कि जब भूकंप के झटके महसूस किए तो वह घर से बाहर भागे। लौटकर आने पर देखा तो एक दीवार पर दरार थी।
नगर पालिका ईओ राजेश नैथानी ने बताया कि मसूरी शहर में 69 भवन गिरासू स्थिति में हैं। 2015 से लेकर 2022 के बीच भवन स्वामियों को इन्हें खाली करने के लिए नोटिस दिया गया है। लंढौर में 10 भवनों की स्थिति बेहद चिंताजनक हैं। एमडीडीए के संयुक्त सचिव नंदन कुमार ने बताया कि जीर्ण शीर्ण भवनों के निर्माण को लेकर प्राधिकरण के बायलाज की समीक्षा की जाएगी कि क्या नियमों में कोई छूट दी जा सकती है।
