न्यायालय के निर्देश के बाद हरकत में आए नगर निगम ने शनिवार को झंडा चौक से कोतवाली के मध्य राष्ट्रीय राजमार्ग पर फैले अतिक्रमण को जेसीबी से ध्वस्त कर दिया। अभियान के दौरान व्यापारियों के प्रतिष्ठानों के बाहर सिंचाई विभाग व निगम की नजूल भूमि पर बने एक दर्जन से अधिक बरामदों को खाली करवाया गया।
उच्च न्यायालय की ओर से शासन-प्रशासन को सरकारी भूमि पर पसरे अतिक्रमण को हटाने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। इसी के तहत शनिवार सुबह करीब नौ बजे सरकारी अमला भारी पुलिस फोर्स के साथ अतिक्रमण हटवाने के लिए झंडा चौक में पहुंच गया था।
चार जेसीबी मशीनों के साथ पहुंची प्रशासन, नगर निगम, सिंचाई विभाग व लोक निर्माण विभाग की टीम को देख व्यापारियों में अफरातफरी मच गई। जैसे ही जेसीबी ने अतिक्रमण ध्वस्त करने शुरू किए, व्यापारियों ने विरोध शुरू कर दिया, लेकिन सरकारी सिस्टम की सख्ती के आगे उनकी एक न चल सकी। दोपहर करीब साढ़े 12 बजे तक चले अभियान के दौरान दुकानों के आगे बरामदों को ध्वस्त कर दिया गया।
अतिक्रमण का मामला न्यायालय में लंबित
नगर आयुक्त वैभव गुप्ता ने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग पर व्यापारियों ने अतिक्रमण कर बरामदों को सड़क से काफी ऊंचा उठा दिया था। राष्ट्रीय राजमार्ग पर करीब 30 अतिक्रमण चिह्रित किए गए हैं। बताया कि कई अतिक्रमण का मामला अभी न्यायालय में लंबित है। फैसला आने के बाद जल्द ही इनके खिलाफ भी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
नगर आयुक्त ने बताया कि अतिक्रमण हटाने के बाद उक्त स्थान पर वर्षा के पानी की निकासी के लिए नाली बनाई जाएगी। साथ ही आमजन के पैदल चलने के लिए फुटपाथ का भी निर्माण करवाया जाएगा। बताया कि आगे भी नगर निगम की अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई जारी रहेगी।
