राह चलते, गाते या डांस करते हुए लोगों के अचानक गिरने वाला व्हाट्सएप फॉरवर्ड आपने भी जरूर देखा होगा। देखकर लगा होगा कि हार्ट अटैक से ऐसे ही मृत्यु होती होगी। लेकिन कुछ मामलों को छोड़ दें तो हार्ट अटैक से मृत्यु इतने नाटकीय तरीके से नहीं होती। समय पर इलाज होने पर मरीज हार्ट अटैक के बाद भी सामान्य जीवन जीते हैं।
दून मेडिकल कॉलेज के कार्डियोलॉजी विभाग एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अमर उपाध्याय बताते हैं, शरीर के अन्य अंगों की तरह हार्ट को भी ऑक्सीजन की जरूरत होती है। तीन धमनियां हार्ट को ब्लड सप्लाई करती हैं। इनमें से किसी एक धमनी में अचानक ब्लॉकेज आने को ही हार्ट अटैक कहते हैं। अगले पांच से छह घंटे में हार्ट का वो हिस्सा धीरे-धीरे मरने लगता है।
हार्ट अटैक आने पर तत्काल इलाज जरूरी है। डाॅ. अमर उपाध्याय बताते हैं, हार्ट अटैक से बचने के लिए शुगर, कोलेस्ट्रॉल, मोटापा और ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करना जरूरी है। हर व्यक्ति जो चालीस की उम्र से अधिक हैं उनको हफ्ते में कम से कम पांच दिन चालीस मिनट में चार किलोमीटर चलना चाहिए। एक दिन में सात से दस हजार कदम चलना जरूरी है।
