ठगी करने का ठगों ने एक नया प्लान बनाया है। नए प्लान तहत लाखों रुपये भी हड़प लिए थे। ठगी का नया तरीका जानकर पुलिस भी हैरान रह गई थी। पुलिस ने केस दर्ज कर छानबीन शुरू की। महीनों की कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस ने गैंग के एक आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
बंद पड़ी बीमा पॉलिसी को शुरू कर लाखों रुपये का भुगतान दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले गैंग के एक आरोपी को साइबर क्राइम थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने दून निवासी व्यक्ति से तीस लाख रुपये ठग लिए थे। आरोपियों ने बीमा लोकपाल, एनपीएसीआई और आईआरडीएआई अफसर बनकर ठगी की। गैंग में शामिल अन्य आरोपियों की एसटीएफ तलाश कर रही है।
एसएसपी एसटीएफ आयुष अग्रवाल ने बताया कि साइबर अपराधी आम जनता की गाढ़ी कमाई हड़पने के लिए कई तरीके अपनाते हैं। आईआरडीएआई, एनपीसीआई और बीमा लोकपाल के नाम का उपयोग कर भी बंद पड़ी बीमा पॉलिसी का भुगतान दिलाने का झांसा देकर लोगों को चूना लगाते हैं।
ऐसे एक मामले में उमेश चंद्र जोशी निवासी आशीर्वाद एंक्लेव बल्लूपुर ने केस दर्ज कराया। कहा कि उन्होंने एक बीमा पॉलिसी कराई थी। जिसका काफी समय से भुगतान नहीं कर पाए। आरोप है कि उनकी इस बीमा पॉलिसी की जानकारी जुटाकर साइबर ठगों ने पीड़ित को चूना लगाया। गुमराह किया कि उनकी बीमा पॉलिसी में जमा हुई रकम प्रीमियम समेत वापस की जानी है।
जांच में पता लगा कि साइबर ठगी में शामिल एक आरोपी नोएडा में मौजूद है। वहां दबिश देकर एसटीएफ टीम ने गौरव अग्रवाल (28) पुत्र विपिन अग्रवाल मूल निवासी काशीरामपुरा कॉलोनी थाना बड़ौत जिला बागपत हाल निवासी गोपाल अपार्टमेंट बेहरामपुर नोएडा को गिरफ्तार किया। आरोपी से पूछताछ में पता लग कि वह बीमा कंपनी के एजेंट बनकर लोगों से साइबर ठगी करते हैं। आरोपी देशभर में कई लोगों को इस तरह चूना लगा चुके हैं।
