उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद् ने टिहरी को दुनिया की पैराग्लाइडिंग राजधानी के रूप में विकसित करने की रूपरेखा तैयार की है। इसमें टिहरी झील की बेहद अहम भूमिका होगी। टिहरी झील पैराग्लाइडिंग, जल क्रीड़ा समेत विभिन्न साहसिक खेल गतिविधियों के लिए एक उपयुक्त स्थान के रूप में उभरा है। कुछ भारतीय विशेषज्ञों के अनुसार, उत्तराखंड का टिहरी दुनिया की पैराग्लाइडिंग राजधानी बनने की क्षमता रखता है। प्रतापनगर से उड़ान भरने के बाद टिहरी झील के किनारे कोटि लैंडिंग पॉइंट लगभग 1400 मीटर की दूरी पर है जो तुर्की में ओलुडेनिज के बाद दूसरी साइट है।
150 से अधिक पैराग्लाइडर लेंगे भाग
मौजूदा वक्त में ओलुडेनिज दुनिया भर में पैराग्लाइडिंग ट्रेनिंग और हवाई कलाबाजी शो का केंद्र है। टिहरी की पैराग्लाइडिंग क्षमता को महसूस करते हुए, यूटीडीबी ने 24 से 28 नवंबर 2023 तक Tehri Acro Festival आयोजित करने की योजना बनाई है। भारत का पहला अंतर्राष्ट्रीय एरियल एक्रोबैटिक शो होगा, जिसमें लगभग 35 अंतर्राष्ट्रीय पैराग्लाइडर समेत 150 से अधिक प्रसिद्ध पैराग्लाइडर भाग लेंगे। यह आयोजन पांच दिनों तक चलेगा।
आसमान में नजर आएगा अनोखा नजारा
इसमें कई हवाई कलाबाजी कार्यक्रम और प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। इससे आसमान में रोमांचित करने वाला नजारा नजर आएगा। यह आयोजन टिहरी में पैराग्लाइडिंग गतिविधियों की शुरुआत का प्रतीक होगा। उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद् (UTDB) ने स्थानीय युवाओं को कौशल प्रदान करने के लिए विभिन्न स्थानों पर पैराग्लाइडिंग ट्रेनिंग कार्यक्रम जैसे P1, P2, P3 और SIV भी शुरू किए हैं।
विभाग स्थानीय युवाओं के लिए ये कोर्स निःशुल्क आयोजित कर रहा है। 15 छात्रों का एक बैच पहले ही पी1, पी2 और पी3 प्रशिक्षण ले चुका है। 15 छात्रों के दूसरे बैच का प्रशिक्षण टिहरी में चल रहा है। विभाग का लक्ष्य 2023 के अंत तक 100 से अधिक ऐसे पायलटों को प्रशिक्षित करने का है, जिससे स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा। विभाग को उम्मीद है कि इस आयोजन से टिहरी दुनिया के पैराग्लाइडिंग मानचित्र पर अपनी पहचान बना लेगा। इससे आने वाले समय में दुनिया भर से पैराग्लाइडर प्रशिक्षण और अभ्यास के लिए टिहरी आएंगे।
