उत्तराखंड के मल्टी स्पेशियलिटी अस्पतालों में इलाज कराने के लिए उत्तर प्रदेश के फर्जी आयुष्मान कार्ड इस्तेमाल करने का मामला सामने आया है। लोगों ने इन कार्ड के जरिये यहां इलाज तो करा लिया, लेकिन उत्तर प्रदेश सरकार ने इनका भुगतान नहीं किया। ऐसे मामले जब एकाएक बढ़े तो अस्पतालों की नींद उड़ गई। बताया जा रहा है कि यह किसी गिरोह का काम है। जल्द ही इसमें बड़ा खुलासा हो सकता है।
दून अस्पताल में सिर्फ इमरजेंसी में इलाज
उधर, दून अस्पताल में भी सिर्फ इमरजेंसी में ही आयुष्मान मरीजों को इलाज दिया जा रहा है। दून अस्पताल के डिप्टी एमएस व आयुष्मान के नोडल डॉ. धनंजय डोभाल ने बताया कि पिछले छह महीने से यूपी से बिलों का भुगतान नहीं हुआ है। ऐसे में यह कहा गया है कि इन मरीजों को सिर्फ इमरजेंसी में ही इलाज दिया जाए। अगर इमरजेंसी नहीं है तो मरीज को वापस करना पड़ रहा है।दून अस्पताल में लाखों का बिल बकाया
डॉ. डोभाल ने बताया कि अस्पताल में जब भी यूपी का आयुष्मान का मरीज आता है तो उनके राज्य को इसकी जानकारी देकर इलाज के लिए अनुमति लेनी पड़ती है। अनुमति तो तुरंत मिल जाती है, लेकिन बकाया भुगतान नहीं किया जा रहा है। अबतक करीब 270 मरीजों का लाखों का बिल बकाया है। इसके लिए शासन को पत्र भी लिखा गया है।
